Saturday, 22 June 2019

आयुष राज्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री योग पुरस्कार विजेताओं की घोषणा

केंद्र सरकार के आयुष राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने वर्ष 2019 के प्रधानमंत्री पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की। रांची के होटल रेडिशन ब्लू में प्रेस को संबोधित करते हुए श्री नाइक ने बताया कि इटली की एनतोनियेता रोजी, जापान योग निकेतन, गुजरात के लाइफ मिशन के स्वामी राजर्षि मुनि और मुंगेर के बिहार स्कूल ऑफ योग को 2019 के प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कुल 79 नामित प्रतिभागियों में उनका चयन किया गया है। उन्हें 25-25 लाख रुपये की नकद राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।



आयुष राज्यमंत्री ने बताया कि इन पुरस्कारों की शुरुआत 21 जून 2016 को दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्सव के मौके पर हुई थी। पीएम मोदी ने इनकी घोषणा की थी। आयुष मंत्रालय ने इन पुरस्कारों के लिए दिशा-निर्देश बनाए। इसबार के चयनित प्रतिभागियों में एनतोनिएता रोजी इटली में 42 वर्षों से योग शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। गुजरात के लिंबदी के स्वामी राजर्षि मुनि 1971 से योग के प्रचार-प्रसार में लगे हैं। मुंगेर के बिहार स्कूल ऑफ योग की स्थापना 1964 में स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने की थी।


Source : https://www.breakingnewshindi.com/state/minister-of-ayush-announced-the-winners-of-the-prime-minister-yoga-award-7299.html

Wednesday, 12 June 2019

अनंतनाग में आतंकी हमले में 5 सीआरपीएफ जवान शहीद

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में बस स्टैंड के पास आतंकियों ने सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया जिसमें 5 जवान शहीद हो गए हैं और 4 जवान घायल हैं। घायलों को सेना के 92 बेस हॉस्पिटल में इलाज के लिये शिफ्ट कर दिया गया है। इस हमले में अनंतनाग थाने के एसएचओ अरशद अहमद गम्भीर रूप से घायल हैं जिन्हें श्रीनगर इलाज के लिए शिफ्ट कर दिया गया है। सुरक्षबलों की जवाबी कारवाई में 2 आतंकवादी ढ़ेर कर दिए गए हैं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गयी है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।


यह आतंकी हमला केपी रोड पर हुआ, इसी रास्ते का इस्तेमाल अमरनाथ यात्रा के दौरान किया जाता है। सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन की ब्रावो कम्पनी और राज्य पुलिस की तैनाती लॉ एंड आर्डर सम्भालने के लिए की गई थी। इस हमले में एक सिविलियन भी गंभीर रूप से घायल है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह आत्मघाती हमला है। आतंकवादी मोटरसाइकिल पर आए थे और उन्होंने ग्रेनेड भी सुरक्षाबलों पर फेंकें। हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन अल उमर मुजाहिद्दीन ने ली है जिसका सरगना मुश्ताक अहमद जरगर है जिसे 1999 के आईसी 814 के हाईजैक के समय सरकार द्वारा रिहा किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ अभी भी जारी है और मौके पर अधिक सुरक्षाबलों को बुलाया गया है।